उ.प्र. कृषि अनुसंधान परिषद की छठवीं बैठक हुई संपन्न
उत्तर प्रदेश के कृषकों के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श पर की गयी चर्चा
एच पी सिंह
लखनऊ, 13 जून 2024
क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की वर्ष 2024-25 की छठवीं बैठक डॉ. संजय सिंह, महानिदेशक, उ.प्र. कृषि अनुसंधान परिषद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मानसून की प्रगति और आगामी सप्ताह के मौसम पूर्वानुमान पर चर्चा की गई। जिसमें मानसून प्रगति के बारें मे बताया गया कि दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश से होते हुए पश्चिम बंगाल तक पहुँच गई है। आगामी 3-4 दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 13 से 15 जून के दौरान प्रदेश के अधिकांश कृषि जलवायु अंचलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। 16 जून से प्रदेश के कुछ भागों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि बुंदेलखंड और दक्षिणी पश्चिमी अर्धशुष्क मैदानी क्षेत्र में मौसम शुष्क रहेगा।
बैठक में कृषि प्रबंधन के लिए सुझाव भी दिये गये जिसमें कहा गया कि जिन कृषकों ने धान की अधिक अवधि की किस्मों की नर्सरी अभी तक नहीं डाली है, वे पूर्वी उत्तर प्रदेश में सांडा विधि से रोपाई करने हेतु नर्सरी डाल सकते हैं। मानसून की वर्तमान दशा और अधिक तापमान के दृष्टिगत, खरीफ फसलों की बुवाई और धान की नर्सरी 20 जून के बाद ही डालें। धान की नर्सरी अलग-अलग समयावधि के अंतराल पर डालें ताकि मौसम की अनिश्चितताओं से बचा जा सके। सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार, मोटा अनाज जैसे मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कोदों आदि की खेती को महत्व दें। पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए सुझाव भी देते हुए बताया कि पशुओं में ब्रुसेला, एफ.एम.डी. और एच.एस. का निःशुल्क टीकाकरण चल रहा है, अतः पशुओं का टीकाकरण कराएं। मछली पालन हेतु तालाब निर्माण का उपयुक्त समय है, जो किसान नए तालाब बनाना चाहते हैं या अपने तालाब का सुधार कार्य कराना चाहते हैं, वे 20 जून तक निर्माण कार्य पूरा करा लें।